
कुरुद और मगरलोड के विकास को मिली नई रफ़्तार: ₹3.40 करोड़ की लागत से बिछेगा सी.सी. सड़कों का जाल
Dhamtari : कुरुद क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए विधायक के विशेष प्रयासों से कुरुद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के तहत कुरुद और मगरलोड क्षेत्र में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण के लिए करोड़ों की राशि आवंटित की गई है।
इस सौगात से ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित आवागमन और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। विधायक के सतत अनुनय और जनहित के कार्यों के प्रति उनकी सक्रियता के परिणामस्वरूप इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख स्वीकृत कार्य:
विधायक के प्रयासों से 3 महत्वपूर्ण कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- कुरुद विधानसभा (जनपद पंचायत कुरुद): ग्राम पंचायत परखंदा के ग्राम परखदा में डोमन साहू के घर से बोधन साहू के सोत तक सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य के लिए 101.05 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं (लंबाई 800 मीटर) ।
- कुरुद विधानसभा (जनपद पंचायत मगरलोड): ग्राम पंचायत भेण्डी के ग्राम भेण्ड्री में मुख्य मार्ग से कुमार के घर तक सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य हेतु 126.50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं (लंबाई 600 मीटर) ।
- कुरुद विधानसभा (जनपद पंचायत मगरलोड): ग्राम पंचायत करेलीबेडी के ग्राम करेलीबेडी में मौलीमाता मंदिर से ठाकुरदिया मंदिर तक निर्माण कार्य हेतु 113.26 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है (लंबाई 600 मीटर) ।

कुल योग: धमतरी जिले में इन कार्यों के लिए कुल 340.82 लाख रुपये की लागत से 2000 मीटर (2 कि.मी.) सड़क और नाली का निर्माण किया जाएगा ।
निर्माण कार्य के लिए सख्त दिशा-निर्देश
शासन ने कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें लागू की हैं:
- समय-सीमा: कार्यादेश जारी होने के 04 माह के भीतर कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है ।
- गुणवत्ता मानक: निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किए जाएंगे ।
- सूचना फलक: प्रत्येक कार्यस्थल पर “सूचना फलक” लगाया जाएगा, जिसमें कार्य का विवरण सरल भाषा में अंकित होगा ।
- पारदर्शिता: कार्य में सूचना के अधिकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा ।
- प्रतिबंध: धार्मिक स्थलों के परिसर में इमारत निर्माण या स्वागत द्वार बनाने के लिए इस राशि का उपयोग पूरी तरह वर्जित है ।
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव द्वारा जारी किया गया है, जिसकी प्रतिलिपि संबंधित कलेक्टर और परियोजना क्रियान्वयन इकाई को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है ।
